रविवार, 12 अप्रैल 2020

कच्छ की दरियाई सीमा में एक बार फिर पाकिस्तान द्वारा गोलीबार

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार कच्छ के जखो बंदर  की दरियाई सीमा में ओखा बंदर से निकली हुई ओमकार नाम की नाव  जीसमे 8 मछुआरे सवार थे यह नाव जखो दरिया में इंटरनेशनल बॉर्डर के समीप भारतीय सीमा में थी उस समय पाकिस्तान द्वारा 8 साउंड गोलीबार किया गया जिसमें एक मच्छीमार व्यक्ति को गोली लगी है जिसका नाम राम बोहरी रामधनी चमार उम्र वर्ष 26 जिसकी हालत ठीक है यह घटना दिनांक 12 अप्रेल 2020 को दोपहर 3 से 7 बजे के बीच की  घटना है 
जनरलिस्ट शिवराज सिंह सोढा
Cell 9909943244

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

पूज्य तन सिंह जी द्वारा कच्छ राजपूत सभा के अध्यक्ष को जून 1960 में लिखा गया पत्र जो संघशक्ति के अगस्त 1987 के अंक में प्रकाशित हुआ था।

पूज्य तन सिंह जी द्वारा कच्छ राजपूत सभा के अध्यक्ष को जून 1960 में लिखा गया पत्र जो संघशक्ति के अगस्त 1987 के अंक में प्रकाशित हुआ था। 

सीकर
13.6.60

आदरणीय श्री हिम्मतसिंह जी
अध्यक्ष, कच्छ राजपूत सभा
भुज

श्रीमान,
राजस्थान भूस्वामी संघ के अध्यक्ष श्री रघुवीरसिंह जी से मेरी बात हुई थी। कच्छ की समस्या के लिए हम सभी लोग चिंतित हैं। श्री रघुवीरसिंह जी ने गुजरात के राजस्व मंत्री से जो बातचीत की है, उससे समझौते का सद्भावनापूर्ण वातावरण तैयार हुआ है। पर आज ही मुझे रघुवीरसिंह जी ने बताया है कि आपने अभी तक उन्हें कच्छ राजपूत सभा के मन्तव्यों से सूचित नहीं किया है, जिनसे उनके और गुजरात सरकार के बीच वार्ता में गतिरोध उत्पन्न होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

मुझे क्षमा करें, मैं आपके किसी निर्णय पर दबाव नहीं डालना चाहता पर मैं आप से ईमानदारी से कुछ भावनाएं प्रगट करना चाहता हूँ। कच्छ में राजपूत आन्दोलन की स्थिति इस समय बड़ी ही नाजुक है। इस नाजुक स्थिति में आपका सहयोग का हाथ ठुकराना एक ऐतिहासिक भूल हो सकती है। सरकार से पारस्परिक वार्तालाप के सभी अवसरों का धैर्य और विवेक से उपयोग करना चाहिए क्योंकि इस पर कच्छ के असंख्य राजपूतों का भाग्य निर्भर है। मेरा आपको ऐसे उपदेश देना निस्संदेह धृष्टता है, पर मुझे सूचना मिली है कि आप की सभा आन्दोलन में विश्वास ज्यादा करती है, ऐसी सलाह देने वाले राजस्थान के हों अथवा भारत के अन्य किसी हिस्से के हों, हमारा सामूहिक हित नहीं कर रहे हैं। इस समय देश छोड़ो आंदोलन के अंतर्निहित आपकी भावना का अवश्य ही मूल्यांकन करता हूँ पर साथ ही राजनैतिक दृष्टि से उसे विवेक संगत कहने में मुझे हिचकिचाहट ही होगी।

हम लोग राजस्थान से आपको यथाशक्ति आपके निर्णयों को कार्यान्वित करने में मदद देंगे लेकिन आपने यदि आत्महत्या का निर्णय ले लिया हो तो उसमें नम्रता पूर्वक समझाने के हमारे अधिकार को आशा है आप स्वीकार करोगे। संक्षेप में मेरा तो यही निवेदन है कि आप श्री रघुवीरसिंह जी की सेवाओं को न ठुकरावें। सरकार ने जो आखिरी अवसर दिया है उसका उपयोग करें और उपयोग नहीं कर सकें तो श्री रघुवीरसिंह जी की वार्ता के परिणामों की प्रतीक्षा तो अवश्य करें। यदि वे असफल होकर आपको आन्दोलन करने की सलाह देंगे तो आप विश्वास रखिये मैं आपको एक राजपूत का वादा देता हूँ कि आपके आन्दोलन में मैं हजारों प्रथम श्रेणी की योग्यता वाले लोगों सहित सहयोग देने आऊंगा।

आशा है पत्र का बुरा नहीं मानेंगे। श्री रघुवीरसिंह जी को आपके 01.09.60 के सम्मेलन के निर्णयों की सूचना दें और उनकी और सरकार के बीच की बात के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करें। आज जो राजपूतों की उपेक्षा कर राजनैतिक स्वार्थों के कारण उनका शोषण करते हैं, उन्हें एक दिन हमें दिखाना है कि इस देश के लिए राजपूतों की कितनी आवश्यकता है। यह हम तभी दिखा सकते हैं जब ऐसे लोगों से बदला लेते कहीं देश से बदला लेने का अविवेकपूर्ण ऐतिहासिक कलंक न लगा दें। कांग्रेस को महसूस होना चाहिए कि राजपूत सच्चे देशभक्त हैं, वे विश्वासपात्र मित्र तथा उदार और खतरनाक शत्रु होते हैं। विवेक हीन उग्रता पागलपन है पर वही उग्रता विवेक पूर्ण होने पर बहादुरी कहलाती है जो राजपूतों का गुण है। उपदेश देने की आदत से मैं लाचार हूँ, पर आपको उपदेश देने के लिए मैं फिर आपसे क्षमा मांगता हूं।

भवदीय
तनसिंह

शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

पेड़ों की कटाई विकास का अभिप्राय बन चुकी है पवन चक्की प्रोजेक्ट के लिए



मानव जीवन के अस्तित्व कि कल्पना प्रायवर्ण के बिना अधूरी है आज दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के सामने सबसे बड़ी जो समस्या है वह पर्यावरण की है आज दुनिया ग्लोबल वार्मिंग भूमंडलीय ऊष्मीकरण की समस्या से जूझ रहा है ऐसे में मल्टी नेशनल कंपनियों को वनों के कटाव से बचना चाहिए और जितना हो सके अधिक से अधिक नए पौधे लगाए जाएं जिससे इस दुनिया की समस्या से निजात मिल सके लेकिन यहां इन सब चीजों के विपरीत जहां पवन चक्की लगाने के लिए जो जंगल की भूमि का अधिग्रहण किया गया है  वहां पर मौजूद पेड़ों की कटाई भरपूर मात्रा में कि गई है और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है मैने जो छाया चित्र लिए है वह सुजलॉन एनर्जी की पवन चक्की का है जो गढसिसा कच्छ  विस्तार में है जिसे लगाने के लिए असंख्य पेड़ों की कटाई की गई है काफी पेड़ जमीन में दबा दिए गए हैं और उसके बाद भी किनारों में कटिंग कि हुई देसी झड़ी के कट्टे हुए पेड़ सुके पड़े है इस विषय में मैंने कच्छ कलेक्टर श्री प्रवीणा डी के जी से भी बात की थी उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है इससे पहले भी मैंने कलेक्टर कच्छ जो अभी  ट्रांसफर होकर चले गए हैं उनसे भी यह विषय पहुंचाया था लेकिन अभी तक कुछ कार्रवाई हुई नहीं इस विषय में मैंने सुजलॉन कंपनी के गुजरात स्टेट हेड ऑपरेशन और मेंटेनेंस श्री यशपाल मेहरा जी से भी मेरी  टेलीफोन से बातचीत हुई थी लेकिन उनका कोई सकारात्मक प्रत्युत्तर नहीं आया था और अपने कर्तव्य से भागते नजर आए कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है इस विषय में मैंने विभिन्न गांव के पर्यावरण समिति के अध्यक्षों से भी बातचीत की वह भी इस पेड़ों की कटाई के खिलाफ है लेकिन इनकी बात दवाई जाती है उनकी आवाज दबा के कोई कार्यवाही नहीं की गई है यह पर्यावरण का विषय है और पर्यावरण को बचाना मानव मात्र की जवाबदारी भी नहीं बल्कि दायित्व है पर्यावरण को बचाना हम सबका कर्तव्य हैं लेकिन इन मल्टीनेशनल कंपनियों का यह दायित्व नहीं है कि पर्यावरण को बचाना है इन्हें पर्यावरण से कोई लेना-देना नहीं है इन्हें सिर्फ अपने कस्टमर को अपने प्रोजेक्ट लगाने में और अपना रेवेन्यू जनरेट करने में ही फायदा दिखता है और इस संबंध में वन विभाग ने भी कुछ कार्रवाई नहीं की है वन विभाग के अधिकारी इस विषय में चुप्पी साधे हुए हैं मैंने वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई पर्यावरण के ऊपर काम करने वाली संस्थाओं को भी इस विषय में आगे आकर काम करना चाहिए तभी यह पर्यावरण पर सकेगा


रिपोर्ट शिवराज सिंह सोढा

संपर्क संख्या   9909943244




शनिवार, 25 जनवरी 2020

राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस गढ़सीसा में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया

आज गढसीसा उच्च माध्यमिक विद्यालय में गांव की संपूर्ण   शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामजनो ने साथ मिलकर भारत का ७१ वा गणतंत्र दिवस मनाया इस उपलक्ष्य में गांव के प्रथम नागरिक भाईलालभाई छाभैया ने अपने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और अपने संदेश में सभी ग्राम जनों से वर्तमान परिपेक्ष में  केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून नागरिकता संशोधन अधिनियम २०१९ के समर्थन के लिए आह्वान करने पर  उपस्थित सभी लोगों ने इस उपस्थिति सभी लोगों ने we support CAA के और मोदी मोदी के नारे लगाए बच्चो और विद्यार्थी ने भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि आज का दिन हमारे और हमारे भविष्य के लिए कितना कीमती है  हमारा संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन हमें लोकतंत्र की सहभागिता करने के लिए अवसर प्रदान करता है और यही हमारे संविधान की मूल प्रस्तावना है


हम, भारत के लोग, भारत को एक
 संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी ,धर्म-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित कराने वाली, बन्धुता बढ़ाने के लिए, दृढ़ संकल्पित होकर अपनी संविधानसभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ईस्वी (मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।




शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

भुज में सीमा जन कल्याण समिति द्वारा सीमा तिरंगा यात्रा का आयोजन


सीमा जन कल्याण समिति द्वारा कच्छ की राजधानी भूज के मध्य तिरंगा यात्रा का आयोजन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर विशेष उपस्थिति माननीय कल्पेशसिंह वाघेला संगठन मंत्री हिंदू जागरण मंच के द्वारा संपन किया सीमा पर जो जवान भारत और हमारी सबकी  सुरक्षा में लगे हुए हैं उनके प्रति भारत के युवाओं को जागरूक करने के लिए तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था इस कार्यक्रम में  सीमा जन कल्याण समिति गुजरात के उपाध्यक्ष हिम्मत सिंह जी और नगर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे